वाच्य (Voice)

वाच्य (Voice) किसे कहते हैं ?

वाच्य क्रिया का वह रूप है जिससे यह ज्ञात होता है कि वाक्य में कर्ता प्रधान है, कर्म प्रधान है अथवा भाव प्रधान है।

वाच्य का अर्थ है-बोलने का विषय अर्थात् क्रिया के जिस रूप से यह ज्ञात हो कि क्रिया का मुख्य विषय कर्ता है, कर्म है अथवा भाव, उसे वाच्य कहते है।

वाच्य के भेद

  1. कर्तृवाच्य-कर्तृवाच्य का मुख्य बिंदु कर्ता होता है इसमें कर्म गौण होता है। इसमें क्रिया के लिंग और वचन कर्ता के लिंग और वचन के अनुसार ही होते हैं। कर्तृवाच्य में अकर्मक तथा सकर्मक दोनों ही तरह की क्रियाओं का प्रयोग होता है। जैसे:-
  • अलका हँसती है (अकर्मक)
  • ललिता पुस्तक पढ़ती है (सकर्मक)

इन सभी वाक्यों में कर्ता की प्रधानता है इसमें क्रिया के लिंग वचन तथा पुरुष भी कर्ता के अनुसार ही आते है इसके प्रथम वाक्य में अलका’ एकवचन तथा कर्ता है इसलिए क्रिया का रूप भी एकवचन है। इसी तरह दूसरे तथा तीसरे वाक्य में ललिता व कविता भी एक वचन है तथा कर्ता है इसलिए इनकी क्रिया का रूप भी एकवचन है जबकि चौथे वाक्य में ‘बच्चे’ शब्द बहुवचन है इसलिए इसकी क्रिया का रूप भी बहुवचन है। इन सभी वाक्यों में क्रिया कर्ता के अनुसार है अतः यह सभी कर्तृवाच्य है।

  1. अकर्तृवाच्य-जिन वाक्यों में कर्ता मुख्य न होकर गौण होता है, उसे अकर्तृवाच्य कहते हैं।

क) कर्मवाच्य-कर्मवाच्य का मुख्य बिंदु कर्म होता है। अर्थात् जिस वाक्य में कर्म की  प्रधानता के कारण या तो कर्ता का लोप हो जाता है या कर्ता के बाद से अथवा ‘के द्वारा’ का प्रयोग होता है। जैसे-

  • शानन्दा द्वारा चित्र बनाया जाता है।
  • चाहत से खाना खाया गया।

इन वाक्यों में कर्म की प्रधानता होने के कारण क्रिया के लिंग, वचन एवं पुरुष कर्म के अनुसार बदलते है। अंतिम वाक्य में खाना (पुल्लिंग) है इसके साथ खाया गया क्रिया भी पुल्लिंग है। अत: जय क्रिया कर्म के अनुसार हो, तो कर्मवाच्य होता है।

(ख) भाववाच्य- भाववाच्य में भावों की प्रधानता के कारण अकर्मक क्रियाओं का प्रयोग किया जाता है जो सदैव अन्य पुरुष, एकवचन एवं पुल्लिंग होता है। जैसे-

  • बच्चों से खेला जाता है।
  • सर्दी के मारे बैठा नहीं जाता
वाच्य परिवर्तन
 कर्तृवाच्य से कर्मवाच्य में परिवर्तन
कर्तृवाच्य कर्मवाच्य
लड़कियाँ गीत गा रही है। लड़कियों से गीत गाया जा रहा है।
राधा पतंग उड़ा रही है। राधा द्वारा पतंग उड़ाई जा रही है।
मैंने खाना खाया। मुझसे खाना खाया गया।

 

कर्तृवाच्य से भाववाच्य में परिवर्तन
कर्तृवाच्य भाववाच्य
बच्चा नहीं सोता। बच्चे से सोया नहीं जाता।
मैं इतनी गर्मी में सो नहीं सकती मुझसे इतनी गर्मी में सोया नहीं जाता।
मैं खा नहीं सकता। मुझसे खाया नहीं जाता।

 

कर्मवाच्य से कर्तृवाच्य में परिवर्तन
कर्तृवाच्य कर्तृवाच्य
प्रज्ञा के द्वार पाठ याद किया जा चुका है। प्रज्ञा का पाठ याद कर चुकी है।
कविता के द्वारा चित्रकारी की जाएगी कविता चित्रकारी करेगी
पूर्णिमा के द्वारा कपड़े धो लिए गई है। पूर्णिमा ने कपड़े धो लिए है।

 

भाववाच्य से कर्तृवाच्य में परिवर्तन
भाववाच्य कर्तृवाच्य
बच्चों द्वारा पार्क में खेला जा रहा है। बच्चे पार्क में खेल रहें थे।
मुझसे अब पढ़ा नहीं जाता। मैं अब पढ़ नहीं पता।
अस्वस्थ व्यक्ति से खाना नहीं खाया गया। अस्वस्थ व्यक्ति ने खाना नहीं खाया।

 

Important Topics Of Hindi Grammar (Links)
हिन्दी भाषा का विकास वर्ण विचार संधि
शब्द विचार संज्ञा सर्वनाम , विशेषण
क्रिया लिंग वचन
कारक काल पर्यायवाची शब्द
विलोम शब्द श्रुतिसम भिन्नार्थक शब्द एकार्थी शब्द
अनेकार्थी शब्द उपसर्ग एंव प्रत्यय समास
वाक्य वाक्यांश के लिए एक शब्द वाच्य
मुहावरे एंव लकोक्तियाँ अलंकार रस
छंद अव्यय
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