हिन्दी भाषा का विकास

हिन्दी भाषा का विकास

संस्कृत भाषा को हिन्दी की जननी माना जाता है। भाषा के लिए ‘हिन्दी’ शब्द का प्राचीनतम प्रयोग शरफुद्दीन के जफरनामा में मिलता है।

संस्कृत भाषा के दो रूप हैं-

(1) वैदिक संस्कृत

(2) लौकिक संस्कृत

  • वैदिक संस्कृत तथा लौकिक संस्कृत प्राचीन भारतीय आर्य भाषाएँ हैं।
  • वैदिक संस्कृत के लिए यास्क तथा पाणिनी ने छान्दस् नाम मी प्रयुक्त किया है। इसके प्रयोग का समय 1500ई. पू. से 1000 ई. पू. माना गया है।
  • लौकिक संस्कृत के प्रयोग का समय 1000 ई. पू. से 500 ई. पू. माना गया है। वैदिक भाषा के साथ-साथ ही बोलचाल की भाषा संस्कृत थी जिसे लौकिक संस्कृत भी कहा जाता है।
  • संसार की विभिन्न भाषाओं को लिखने के लिए अनेक लिपियाँ प्रचलितहैं। हिन्दी, संस्कृत, मराठी, नेपाली आदि भाषाएँ देवनागरी लिपि मेंलिखी जाती हैं।
  • देवनागरी लिपि का विकास ब्राह्मी लिपि से हुआ है ब्राह्मी लिपि का प्रयोग वैदिक आर्यों ने शुरू किया।

आधुनिक भारतीय आर्यभाषा (हिन्दी)

प्राचीन हिन्दी        1100 ई.-1400 ई.

मध्यकालीन हिन्दी   1400 ई.-1850 ई.

आधुनिक हिन्दी      1850 ई.-अब तक

हिन्दी का विकास क्रम

संस्कृत

पालि

प्राकृत

अपभ्रंश

अवहट्ट

हिन्दी

विश्व हिन्दी सम्मेलन

सम्मेलनस्थानअवधि
पहला विश्व हिन्दी सम्मेलननागपुर (भारत)10 से 14 जनवरी 1975
दूसरा विश्व हिन्दी सम्मेलनमॉरीशस28 से 30 अगस्त 1976
तीसरा विश्व हिन्दी सम्मेलनदिल्ली (भारत)28 से 30 अक्टूबर 1983
चौथा विश्व हिन्दी सम्मेलनमॉरीशस2 से 4 दिसम्बर 1993
पाँचवाँ विश्व हिन्दी सम्मेलनटोबैगो4 से8 अप्रैल 1996
छठा विश्व हिन्दी सम्मेलनलन्दन (ब्रिटेन)14 से 18 सितम्बर 1999
सातवाँ विश्व हिन्दी सम्मेलनसूरीनाम5 से 9 जून 2003
आठवाँ विश्व हिन्दी सम्मेलनन्यूयार्क (अमेरिका)13 से 15 जुलाई 2007
नवा विश्व हिन्दी सम्मेलनजोहान्सबर्ग (दक्षिण अफ्रीका)22 से 24 सितम्बर 2012
दसवाँ विश्व हिन्दी सम्मेलनभोपाल (भारत)10 से 12 सितम्बर 2015

दसवें विश्व हिन्दी सम्मेलन का उद्घाटन भारत प्रधानमन्त्री नरेन्द्र मोदी द्वारा किया गया। इस सम्मेलन का मुख्य विषय “हिन्दी जगतः विस्तार एवं संभावनाएँ था।

 

Important Topics Of Hindi Grammar (Links)
हिन्दी भाषा का विकासवर्ण विचारसंधि
शब्द विचारसंज्ञासर्वनाम , विशेषण
क्रियालिंगवचन
कारककालपर्यायवाची शब्द
विलोम शब्दश्रुतिसम भिन्नार्थक शब्दएकार्थी शब्द
अनेकार्थी शब्दउपसर्ग एंव प्रत्ययसमास
वाक्यवाक्यांश के लिए एक शब्दवाच्य
मुहावरे एंव लकोक्तियाँअलंकाररस
छंदअव्यय

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